कैंसर के लिए जिम्मेदार जीन की हुई पहचान, डॉक्टरों को तीन साल के शोध के बाद मिली सफलता

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विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Sat, 07 Sep 2019 02:00 AM IST

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मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने ऐसे तीन जीन की पहचान करने में सफलता प्राप्त की है, जिसमें बदलाव से कैंसर का खतरा रहता है। ऐसे में भविष्य में कैंसर की रोकथाम में मदद मिल सकेगी।

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कुमाऊं के पर्वतीय इलाकोंसे पित्त की थैली के कैंसर से पीड़ित लोग बड़ी संख्या में एसटीएच पहुंचते हैं। इसके कारणों को जानने के लिए सर्जरी विभाग ने मेडिकल रिसर्च यूनिट में तीन साल पहले ‘जेनेटिक्स चेंजेज इन गॉल ब्लैडर कैंसर इन कुमाऊं रीजन’ पर शोध शुरू किया। 

सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. केएस साही के अनुसार मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आए 25 रोगियों के जीन की जांच की गई। इसमें अभी तीन जीन की पहचान हुई हैं, जिनमें किसी कारण से बदलाव होने पर संबंधित व्यक्ति में कैंसर विकसित हुआ।

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पित्त की थैली के रोगियों की जांच होगी

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