Delhi Pollution: बैठक में नहीं पहुंचे गौतम गंभीर, भड़के जावड़ेकर बोले- यह ठीक नहीं, AAP बोली- ‘गंभीरता सिर्फ कमेंट्री बॉक्स तक’

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नाराज जावड़ेकर ने कहा, ‘समिति के सामने नहीं पहुंचना ठीक बात नहीं है। हम इस अतिमहत्वपूर्ण विषय को लेकर गंभीर हैं। सभी एजेसियों के मिलकर काम करने की जरूरत है।’

पूर्व क्रिकेटर एवं भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर

देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण (Delhi Pollution) के चलते हालात फिर से बदतर होते जा रहे हैं। इस अहम मसले पर शुक्रवार (15 नवंबर) को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री (Environment and Climate Change Minister) प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने संसदीय समिति की एक बैठक बुलाई थी। बैठक में बुलाए गए 30 में से सिर्फ 5 सदस्य पहुंचे। इसके चलते यह बैठक बीच में ही समाप्त कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सदस्यों की अनुपस्थिति से नाराज जावड़ेकर ने कहा, ‘समिति के सामने नहीं पहुंचना ठीक नहीं है।’

‘प्रदूषण पर गंभीरता सिर्फ कमेंट्री बॉक्स तक’: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में पूर्वी दिल्ली के बीजेपी सांसद (East Delhi BJP MP) गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) भी नहीं पहुंचे। इससे नाराज जावड़ेकर का बड़ा बयान सामने आया। आम आदमी पार्टी ने गंभीर के बैठक में नहीं पहुंचने की बात कहकर निशाना साधा। पार्टी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर लिखा गया, ‘क्या प्रदूषण को लेकर गंभीरता सिर्फ कमेंट्री बॉक्स तक ही सीमित है।’

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इन विभागों के अधिकारियों को होना था शरीकः मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों के रवैये से नाराज जावड़ेकर ने कहा, ‘समिति के सामने नहीं पहुंचना ठीक बात नहीं है। हम इस अतिमहत्वपूर्ण विषय को लेकर गंभीर हैं। सभी एजेसियों के मिलकर काम करने की जरूरत है।’ बता दें कि संसद भवन एनेक्सी में शहरी विकास की संसदीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), नई दिल्ली नगर निगम (NDMC), केंद्रीय लोक कल्याण विभाग (CPWD) और NBCC के अलावा निगम के अधिकारियों को भी शिरकत करनी थी। लेकिन बुलाए गए कुल 30 में से 5 अधिकारी पहुंचे।

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‘वन अधिनियम संशोधन का ड्राफ्ट वापस लिया’: जावड़ेकर ने कहा, ‘हमारी सरकार ने पिछले पांच साल में हमेशा आदिवासियों और जंगली इलाकों में रहने वालों के लिए काम किया है। हमने भारतीय वन अधिनियम 1927 में संशोधन के लिए तैयार ड्राफ्ट भी वापस ले लिया।’ इधर दिल्ली में ऑड-ईवन फॉर्मूले का शुक्रवार (15 नवंबर) को आखिरी दिन है। इसे आगे बढ़ाने को लेकर भी असमंजस बरकरार है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के चलते हालात बेहद खराब हैं। साथ ही यह भी कहा कि हो सकता है ऑड-ईवन से इसका हल न मिले।

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