अंदरूनी खूबसूरती है जरूरी

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यहां के लोग सुंदर और आकर्षक दिखने के लिए केवल सौंदर्य प्रसाधनों पर ही निर्भर नहीं रहते बल्कि वे प्राकृतिक संसाधन, नियमित व्यायाम और खानपान पर भी विशेष ध्यान देते हैं।

यूरोप को फैशन का महादेश कहा जाता है।

कहते हैं फैशन लड़कियों की पक्की सहेली होता है। सुंदर और आकर्षक दिखना हर कोई चाहता है, लेकिन फैशन की जानकारी के बिना इससे दोस्ती पक्की नहीं हो सकती। इसलिए जरूरी है कि फैशन की इतनी जानकारी तो रखी ही जाए जो आपको आकर्षक बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास से भी भर दे। यूरोप का फैशन पूरी दुनिया के सिर चढ़ कर बोलता है। फैशन दीवाने वहां के चलन को जानने के लिए बेताब रहते हैं। इसलिए वहां के फैशन की तर्ज पर हमारे यहां भी फैशन में बदलाव होते रहते हैं। ताजातरीन फैशन के बारे में बता रही हैं प्रियंवदा सहाय।

यूरोप को फैशन का महादेश कहा जाता है। बात मिलान, पेरिस, लंदन, बार्सीलोना, डेनमार्क या रोम की हो, सभी फैशन के मामले में नए ट्रेंड सेट करते रहते हैं। आइए आपको बताते हैं कि आखिर यूरोप के फैशन ट्रेंड में क्या खास है। सबसे पहले आपको बता दूं कि यहां के लोग सुंदर और आकर्षक दिखने के लिए केवल सौंदर्य प्रसाधनों पर ही निर्भर नहीं रहते बल्कि वे प्राकृतिक संसाधन, नियमित व्यायाम और खानपान पर भी विशेष ध्यान देते हैं। चेहरे की सुंदरता के साथ- साथ शरीर को सुडौल रखना भी यहां के महिला और पुरुष दोनों की प्राथमिकताओं में शामिल है।

आंखों का शृंगार
यहां आंखों के मेकअप से सुंदरता शुरू होती है। आईलैस को सजाने और उन्हें लंबा दिखाना सबको पसंद है। यहां के मेकअप इंस्टीट्यूट और ब्यूटी पार्लर में आईलैस इनहास्मेंट के खास पैकेज दिए जाते हैं। जिससे आंखों की छोटी पपनियां लंबी, घनी और आकर्षक दिखने लगती है। इसके साथ ही चेहरे पर फबने वाले आकार में आईब्रो यानी भौंहों को संवारा जाता है। यही नहीं भौंहों के आकार को स्थायी रूप देने की व्यवस्था भी है बस हर माह जरूरत के मुताबिक आईब्रो डाई कराना होता है ताकि भौंहें घने और काले नजर आए। यह फैशन यूरोप में काफी जोरों पर है। यहां लोग भले ही काला या गहरे नीले रंग के कपड़ों को पहनना ज्यादा पसंद करते हैं लेकिन आंखों की सजावट बड़ी ही चटकीली होती है। सर्दी के मौसम में काले या भूरे रंग की जैकेट और ओवरकोट में आपको हर दूसरी महिला नजर आ जाएगी। लेकिन उनकी आंखों के मेकअप लाल, नीला, पीला, सफेद या कॉम्बिनेशन के रंगो में नजर आते हैं।

यह भी जरूर ध्यान रखा जाता है कि चेहरे के रंग में समानता हो यानी आंखों के नीचे गहरे काले धब्बे, सिर पर उम्र की लकीरें या कोई निशान नजर नहीं आए। यहां की उम्रदराज महिलाएं भी इस बात का ध्यान रखती हैं कि उनके मेकअप बॉक्स में बेहतर फाउंडेशन, कंसिलर और आईलैस जरूर हो। हां यहां के फैशन में काजल को तरजीह नहीं मिली हुई है। इसकी जगह आई लाईनर को ज्यादा पसंद किया जाता है।

बालों का रंगीन जादू
आजकल यहां बालों को अलग-अलग रंगों में डाई कराने का चलन भी जोरों पर है। डाई केवल काले रंग में नहीं होता बल्कि लाल, पीला, नीला, हरा या कोई दूसरा रंग भी हो सकता है। हां, यूरोपीय महिलाएं अमूमन चटकीले रंगों की लिपस्टिक लगाने से बचती हैं। क्योंकि बालों और आंखों के गहरे रंगीन मेकअप की वजह से वे बेसिक रंगों की लिपस्टिक और लिप ग्लॉस को लगाना पसंद करती हैं। इससे चेहरे का मेकअप बैलेंस रहता है।

रंग-बिरंगे चश्मे
आजकल ट्रेंड में काले चश्मों की जगह रंग-बिरंगे चश्मे को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। यह बात अलग है कि काले कोट और काले चश्मों का फैशन कभी खत्म नहीं होता। जी हां, ये चश्मे केवल धूप से बचाव के लिए नहीं होते, बल्कि फैशन सिंबल भी माने जाते हैं। महिलाएं इसे अपने मेकअप या कपड़े से मैच करके पहनती हैं। इसलिए जाड़े के दिनों में भी जब धूप का नामोनिशान तक नहीं होता लोग रंग-बिरंगे चश्मों में बहुतायत में नजर आ जाएंकि हल्के रंगो की टोपी और बड़े आकार वाले हैट भी यहां के फैशन का हिस्सा है।

फिटिंग वाले कपड़े
यहां के लोग शरीर को सुडौल बनाने के लिए पुरजोर मेहनत करते हैं और खानपान का भी पूरा ध्यान रखते हैं। अब जब शरीर आकर्षक होगा तो निश्चित ही कपड़े ज्यादा फिट और सुंदर लगेंगे। इसलिए यहां ढीले कपड़ों की जगह फिट कपड़ों को पहनना लोग ज्यादा पसंद करते है। हालांकि ढीले पाजामे/पैंट के साथ फिट ब्लाउज व टॉप या फिर बैगीनुमा ढीले टॉप के साथ लेगिंग को पहनना भी पसंद किया जा रहा है। यहां के स्ट्रीट फैशन में कमाल की बात यह हुई है, कि महिलाओं के जींस पैंट की जगह योगा पैंट, लेगिंग ने ले ली है। गर्मी हो या जाड़े का दिन जींस लगभग अपना दबदबा खो चुकी है। इसकी जगह धारीदार पजामे, या लेगिंग ही नजर आते हैं। लेगिंग को केवल जिम खाने में और योगा पैंट को केवल योग ध्यान करते समय नहीं पहना जाता बल्कि इसे जैकेट, टॉप, शर्ट के साथ पहनने का ट्रेंड है। ठंड में योगा पैंट पर घुटने तक के लंबे बूट और ओवर कोट को पहनना भी यहां के फैशन ट्रेंड में है। हालांकि फैशन चाहे जैसा भी ट्रेंड करे, यह जरूरी है कि आप उस फैशन में कंफर्टेबल और कॉन्फिडेंट दिखें।

सपाट चप्पलों का चलन
अगर आप हाई हिल्स पहनकर खुद को ग्लैमरस दिखाना पसंद करती हैं तो कई बार ये आपके लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है। यहां की महिलाएं हाई हिल्स की जगह ऐसे हिल्स को पहनना पंसद करती हैं जिसमें चलना आसान हो। चुंकि यहां के लोग सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल बहुतज्यादा करते हैं, पैदल ज्यादा चलते हैं इसलिए यहां के लोग अपने कपड़ों से मिलते-जुलते जूते पहनते हैं। यहां स्पॉट्स शूज में भी काफी रंग-बिरंगे आॅप्शन मिल जाते हैं। भारतीय परिदृश्य में भी इस फैशन को अपनाया जा सकता है जिसमें कपड़ों से मेल खाते रंगीन जूतों को पहने या ऐसे हिल्स को पहने जो आपके एÞिड्डयों को ज्यादा नुकसान न पहुंचाएं। क्योंकि फैशन में यह भी जरूरी है कि आपकी चाल भी सही हो। इसलिए यहां लेदर, स्पोट्स शूज और हिल्स के ऐसे चपल ट्रेंड में रहते हैं जिसमें ज्यादा नुकीले हिल्स न हो।

कॉफी संस्कृति
एक रोचक बात यह है कि यूरोप में कॉफी का कल्चर ज्यादा है। यहां सबसे ज्यादा कॉफी पी जाती है। यहां कॉफी पीने से फैशन का एक बहुत ही रोचक संबंध है। वो यह कि कॉफी आपके वजन को घटाती है, चेहरे पर ग्लो देती है बशर्ते उसे आप चीनी और दूध के साथ इस्तेमाल न करें। ब्लैक कॉफी को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। इसी को ध्यान में रखकर यहां के लोग ब्लैक कॉफी पीते हैं।

ऐसे ही रोजमर्या के खाने में सलाद ज्यादा लेते हैं। तेल में भी जैतून के तेल का ही इस्तेमाल करते हैं ताकि तेल उनके पेट को खराब न करें और उनकी सेहत दुरुस्त रहे।

संतुलित आहार
कम खाना कभी भी फैशन का हिस्सा नहीं हो सकता लेकिन संतुलित आहार ग्रहण करने को फैशन का एक हिस्सा माना जा सकता है। इसलिए यहां पर लोग दिनभर में एक निश्चित अंतराल पर कुछ न कुछ खाते रहते हैं। लेकिन इस खाने में कम चीनी कम घी-तेल और कम मसालों का इस्तेमाल करते हैं, ताकि उनकी सेहत बेहतर रहे। अगर उनकी सेहत अच्छी होगी तो उनका शरीर स्वस्थ रहेगा, शरीर स्वस्थ रहेगा तो उनके चेहरे पर निखार बनी रहेगी और उनका शरीर हमेशा सुडौल रहेगा।

दौड़ है जिंदगी
दौड़ यानी रनिंग यहां के लोगों की लाइफ लाइन है। यहां शायद ही कोई व्यक्ति हो जो रनिंग न करता हो। इसलिए यहां लोगों की औसत आयु काफी अच्छी होती है। यहां के लोग सेहत को लेकर काफी सजग होते हैं, शायद यही वजह है कि फैशन एन्हास होकर नजर आता है और लोग उसे फॉलो करते हैं। अमेरिका में मोटापे के शिकार लोग ज्यादा होते हैं पर यूरोप में ऐसा नहीं है। ठंडा देश होने के बावजूद यहां के लोग अपने शरीर में ग्रीस हमेशा लगाते हैं चाहे वो दौड़ के हो या व्यायाम करके हो या संतुलित आहार से हो। इसलिए यहां के लोग अपने फैशन को लेकर दुनिया भर में जाने जाते हैं। यही कारण है कि लोग यहां के फैशन की नकल करना चाहते हैं। इसके लिए उनका ब्यूटी बॉक्स ही काम नहीं आता बल्कि वे अंदरूनी ब्यूटी और अनुशासित जीवनशैली का अनुशरण करते हैं। किसी भी फैशन फॉलोअर के लिए इन बातों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

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