चौपाल: आगे की सुध लें

digamberbisht

अब आस यही है कि पक्ष-विपक्ष इस मुद्दे पर सियासत करना छोड़ मंहगाई, गरीबी, प्रदूषण, भुखमरी, बेरोजगारी जैसी समस्याओं पर चर्चा कर उनका समाधान करें ताकि देश के विकास में भी हम विकसित देश का झंडा लहरा सके।

राम जन्मभूमि बनाम बाबरी मस्जिद मामले से जुड़े अयोध्या जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला (फोटो- एक्सप्रेस फाइल)

दशकों से अटके पड़े अयोध्या विवाद का अंतत समाधान हो ही गया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिल्कुल सही और संतुलित है। इससे किसी भी व्यक्त्ति की आस्था को ठेस नही पहुंची है, क्योंकि फैसले के तहत दोनों पक्षों की मांगे पूरी हुर्इं हैं। लेकिन फैसलें से भी अधिक खुशी यह देख कर हुई कि लोगों ने शांति से इस फैसले का स्वागत किया और स्वीकार किया और कानूनी प्रक्रिया को महत्ता दी। अब आस यही है कि पक्ष-विपक्ष इस मुद्दे पर सियासत करना छोड़ मंहगाई, गरीबी, प्रदूषण, भुखमरी, बेरोजगारी जैसी समस्याओं पर चर्चा कर उनका समाधान करें ताकि देश के विकास में भी हम विकसित देश का झंडा लहरा सके।
’जानवी बिट्ठल, जलंधर

सत्ता का लालच
चुनाव पूर्व हुए गठबंधन से भाजपा और शिवसेना का सत्ता के लालच में आकर मुकरना लोकतंत्र के लिए शर्मसार करने वाला कलंकित अध्याय है। भारतीय संविधान में प्रत्येक पांच वर्ष पश्चात चुनाव कराने की व्यवस्था इसलिए लागू की गई थी कि जनता को उसके अधिकारों को संरक्षण देने वाली सरकार मिलेगी और ऐसी सरकार से मुक्ति मिलेगी जो उनके हितों का हनन करती है। लेकिन यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण निकला कि चुनाव पूर्व हुए गठबंधन को दरकिनार रखते हुए दोनों दल जनता के हितों के लिए झुकने को तैयार नहीं है। अभी हरियाणा में हुए संपन्न चुनाव में दोनों पार्टियों ने अपने अस्तित्व को बचाने के लिए परस्पर विरोधी विचारधारा के दो दलों ने गठबंधन कर सत्ता लोलुपता का परिचय दिया है।

शिवसेना और भाजपा दोनों ही समान विचारधारा वाली पार्टी हैं, लेकिन शिवसेना ने हमेशा ही अस्थिर सहयोगी होने का परिचय दिया है, इससे उसकी साख को बट्टा भी लगा है। आज महाराष्ट्र में जो हालात हैं, उसमें पार्टियां तो चुनाव जीत गई हैं, लेकिन महाराष्ट्र की जनता हार रही है। ऐसे में सवाल है कि महाराष्ट्र में जो समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं, उनका समाधान कौन करेगा? कुछ महीनों पहले जिस प्रकार का नाटक कर्नाटक में देखने को मिला था, उसी प्रकार का नाटक महाराष्ट्र में होने की संभावना है।
’घनश्याम तिवारी, भोपाल

पाक का छिपा एजेंडा
करतारपुर साहिब गलियारा भारत और पाकिस्तान के लिए विश्वास और दोस्ती का गलियारा बन सकता है। लेकिन लगता है पाकिस्तान को यह मंजूर नहीं। पाकिस्तान ने इसका प्रयोग अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए करना शुरू कर दिया है। इस बारे में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही शंका जाहिर कर चुके हैं। पाकिस्तान द्वारा दरबार साहिब को लेकर जो वीडियो जारी किया गया है, उसमें खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाले और अन्य आतंकियों को नायक के रूप में दिखाया जाना चिंता का विषय है। पाकिस्तान ही नहीं, भारत में भी कट्टरपंथी सिखों का एक ऐसा धड़ा है जो इस प्रकार के कृत्यों के प्रति सहानुभूति रख सकता है। इस स्थिति में भारत सरकार को बहुत चौकस रहना होगा। ऐसी स्थितियों को लेकर पाकिस्तान को जहां कड़ी चेतावनी देनी होगी, वहीं ठोस कार्रवाई भी करनी होगी। थोड़ी सी भी लापरवाही पाकिस्तान को भारत के खिलाफ मौका दे सकती है।
’रवींद्र कुमार, कैथल

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

<!–

–>

Uttarakhand News Latest and breaking Hindi News , Uttarakhand weather, Places to visit in Uttarakhand जानने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें ।
Next Post

राशिफल 11 November 2019: खराब हो सकता है मिथुन राशि वालों का स्वास्थ्य, जानिए बाकियों का हाल

Hindi News Religion राशिफल 11 November 2019: खराब हो सकता है मिथुन राशि वालों का स्वास्थ्य, जानिए बाकियों का हाल Horoscope Today (आज का राशिफल) 11 November 2019: धनु राशि वालों को उनका सहयोगी व्यापार में नुकसान पहुंचा सकता है। Horoscope Today: जानिए कैसा रहेगा आज का राशिफल Horoscope Today, 11 […]