गृह विज्ञान से रोजगार की राह आसान

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कुछ गलत धारणाएं हैं, जो गृह विज्ञान स्ट्रीम में मौजूद अवसरों की जानकारी न होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों में बनी हैं।

इस विषय के विद्यार्थियों के पास बीएड करने का भी विकल्प रहता है।

बारहवीं पास करने वाले विद्यार्थियों के लिए विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी स्ट्रीम के बाद गृह विज्ञान भी एक विकल्प के रूप में मौजूद है। करिअर के लिहाज से यह विकल्प विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच बहुत ज्यादा चर्चित नहीं है। इससे संबंधित कुछ गलत धारणाएं हैं, जो गृह विज्ञान स्ट्रीम में मौजूद अवसरों की जानकारी न होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों में बनी हैं।

योग्यता

विषय के रूप में गृह विज्ञान सीबीएसई और ज्यादातर राज्य बोर्डों में 11वीं और 12वीं कक्षा के स्तर पर उपलब्ध है। कॉलेज के स्तर पर इस विषय की उपलब्धता को देखें तो यह देश के काफी विश्वविद्यालयों में तीन वर्षीय स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाया जा रहा है। इस विषय के साथ बीए या बीएससी डिग्री हासिल की जा सकती है। इसके लिए किसी भी स्ट्रीम से बारहवीं पास होना जरूरी है। कुछ संस्थान स्नातक स्तर पर दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन भी करते हैं। गृह विज्ञान में स्नातक के बाद फैशन डिजाइनिंग, डाइटिटिक्स, परामर्श, समाज कार्य, विकास अध्ययन, आंत्रप्रन्यॉरशिप, जन संचार और कैटरिंग टेक्नोलॉजी आदि विषयों में भी स्नातकोत्तर की जा सकती है। इस विषय के विद्यार्थियों के पास बीएड करने का भी विकल्प रहता है।

पाठ्यक्रम

डिप्लोमा (गृह विज्ञान) ’बीएससी (गृह विज्ञान)
बीएससी (ऑनर्स) गृह विज्ञान
बीएचएससी ’बीएससी (ऑनर्स) खाद्य एवं पोषण
बीएससी (ऑनर्स) मानव विकास
एमएससी (गृह विज्ञान) ’पीएचडी

‘गृह विज्ञान’ गृह का विज्ञान है जिसके तहत उन सभी चीजों को पढ़ाया जाता है जिससे व्यक्ति, घर, पारिवारिक सदस्य और संसाधन का संबंध होता है। यह एक ऐसी स्ट्रीम है, जिसे भ्रांतिवश सही संदर्भों में न समझकर केवल लड़कियों के लिए मान लिया जाता है। गृह विज्ञान की पढ़ाई में गृह प्रबंधन के प्रशिक्षण के अलावा कई तरह के रोजगारों में उपयोगी कौशल का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इसलिए यह कहना ठीक नहीं है कि यह स्ट्रीम केवल लड़कियों के लिए ही उपयोगी है। इस स्ट्रीम के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण का लाभ लड़के भी रोजगार कुशलता को बढ़ाने में कर सकते हैं।

संस्थान

दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली ’बॉम्बे विश्वविद्यालय, मुंबई
आचार्य एनजी रंगा कृषि विश्वविद्यालय, हैदराबाद
इलाहाबाद कृषि संस्थान, इलाहाबाद
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
कलकत्ता विश्वविद्यालय, कोलकाता
राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर
राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा
नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फैजाबाद
गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर
सीएसके हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर

रोजगार के अवसर

’शैक्षणिक या कामकाजी संस्थानों में केटरिंग सुविधा देने का कार्य
’टेक्सटाइल के क्षेत्र में व्यापारी या डिजाइनर
’अनुसंधान और शिक्षण कार्य
’अस्पताल और खाद्य क्षेत्र में पोषण या आहर विशेषज्ञ
’पर्यटन रिजोर्ट, रेस्तरां आदि में हाउस कीपिंग कार्य की देखरेख
’खाद्य उत्पादों के निर्माण और विकास कार्यों का पर्यवेक्षण
’संसाधन प्रबंधन ’समाज कार्य और मानव विकास
’टेक्सटाइल, खाद्य, कंफेक्शनरी आदि क्षेत्र में स्वरोजगार

वेतन

गृह विज्ञान में स्नातक करने वाले उम्मीदवार को शुरुआती तौर पर 2 लाख रुपए सालाना तक पारिश्रमिक मिल सकता है। एक साल के अनुभव के बाद यह वेतन 4 लाख रुपए सालाना तक हो सकता है। शोध, शिक्षण या कैटरिंग क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का अच्छा वेतन मिलता है।

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