संपादकीय: आदत से लाचार

digamberbisht

पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा क्षेत्र की ओर गोलीबारी सामान्य घटना बन चुकी है, लेकिन विडंबना है कि उसे युद्धविराम की स्थितियों तक का खयाल रखना जरूरी नहीं लगता।

भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक 10 अक्टूबर 2019 तक पाकिस्तान ने 2317 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है।(फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में मंगलवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने जिस तरह अंधाधुंध गोलीबारी की, उससे स्पष्ट है कि वह इस समूचे इलाके में शांति और सद्भाव नहीं चाहता और लगातार भारत को उकसाने की कोशिश करता है। बिना किसी वजह के की गई इस गोलीबारी में दो भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जबकि सात लोग बुरी तरह घायल हो गए। सवाल है कि क्या पाकिस्तान इस बात का जवाब दे सकता है कि ताजा गोलीबारी की वजह क्या थी और जो आम नागरिक उसमें मारे गए या घायल हुए, उनसे उसकी क्या दुश्मनी थी! इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पार से भारत में घुसपैठ कर रहे खतरनाक हथियारों सहित एक युवक को भी गिरफ्तार किया। सवाल है कि घोषित तौर पर युद्धविराम की स्थिति के बावजूद सीमापार से बेवजह गोलीबारी और घुसपैठ कराने की ऐसी हरकतों के साथ यह उम्मीद कैसे की जा सकती है कि दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य होने की पृष्ठभूमि बनेगी!

हालांकि पाकिस्तान की ओर से ऐसी कार्रवाइयां कोई नई नहीं हैं। बल्कि ऐसे भी मौके आते रहे हैं जब दोनों देशों के बीच शांति और सद्भाव बहाल करने की कोशिशें परवान चढ़ने लगती हैं, तब उसकी ओर से युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। इसके बाद स्वाभाविक रूप से शांति प्रक्रिया प्रभावित होती है और फिर कूटनीतिक संबंध भी पटरी से उतरते हैं। जबकि पड़ोसी देश के नाते होना यह चाहिए कि ऐसा माहौल अपनी ओर बनाने की कोशिश होती, जिसमें द्विपक्षीय संबंध मजबूत होते। यह दोनों ही देशों के हित में है, क्योंकि जब तक कूटनीतिक और राजनीतिक माहौल सहज नहीं रहेगा, विकास जैसे सवाल हाशिये पर रहेंगे। लेकिन इनके महत्त्व को दरकिनार करते हुए पाकिस्तान की ओर से उकसावे भरी कार्रवाइयां की जाती हैं, तो इसका क्या अर्थ हो सकता है! दरअसल, हाल में जब कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर भारत ने बड़ा फैसला किया, तभी से पाकिस्तान के भीतर एक विचित्र छटपटाहट देखी जा रही है और गाहे-बगाहे वह खुद पर से नियंत्रण खोता हुआ लगता है। प्रमाण है कि इस साल अक्तूबर तक पाकिस्तान ने दो हजार तीन सौ सत्रह बार युद्धविराम का उल्लंघन किया।

आखिर उसकी ओर से ऐसी हरकतें क्यों सामने आती हैं कि भारत को इस समूचे मामले में सख्त रवैया अख्तियार करना पड़ता है। यह समझना मुश्किल है कि खुद को संप्रभु कहने वाला और दुनिया के देशों से अपनी संप्रभुता का खयाल रखे जाने की मांग करने वाला कोई देश अपने पड़ोसी को नाहक ही बार-बार क्यों उकसाता रहता है! सही है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध सहज नहीं हैं और दोनों ही ओर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तनाव और दबाव काम करता है। लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं होना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय कायदों को ताक पर रख कर एक-दूसरे की संप्रभुता और गरिमा का खयाल न रखा जाए। पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा क्षेत्र की ओर गोलीबारी सामान्य घटना बन चुकी है, लेकिन विडंबना है कि उसे युद्धविराम की स्थितियों तक का खयाल रखना जरूरी नहीं लगता। कहने को वह भारत से जुड़े अमूमन हर मुद्दे पर दुनिया के देशों के सामने अपना रोना रोता है, लेकिन सच यह है कि अपनी सीमा में पाकिस्तान खुद ऐसी जटिलताओं में उलझा हुआ दिखता है, जो उसके लिए घातक साबित हो सकती हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

<!–

–>

Uttarakhand News Latest and breaking Hindi News , Uttarakhand weather, Places to visit in Uttarakhand जानने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें ।
Next Post

आज उत्तराखंड पहुंचेंगे स्वीडन के राजा-रानी, हरिद्वार में करेंगे एसटीपी का लोकार्पण

न्यूज डेस्क, अमर उजाल, कोटद्वार/हरिद्वार Updated Thu, 05 Dec 2019 01:00 AM IST स्वीडन के राजा और रानी – फोटो : अमर उजाला ख़बर सुनें खास बातें नगर निगम क्षेत्र में स्वीडिश भाषा में लगेंगे स्वागत के लिए होर्डिंग और बैनर   शाही दंपति के लिए वन विभाग के पनियाली […]