मन का हो जाए तो अच्छा, न हो तो और भी अच्छा : बाबूजी की सीख ने अमिताभ को जीना सिखा दिया

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बॉलीवुड डेस्क.अमिताभ बच्चन 11 अक्टूबर को 77 साल के हो जाएंगे, लेकिन इस अवसर पर सुपरस्टार का अपने जन्मदिन को धूम-धड़ाके से मनाने का कोई इरादा नहीं हैं। अपने प्रशंसकों से अपने अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करने का अनुरोध करते हुए बिग बी बोले-“इसमें जश्न मनाने जैसा क्या है? यह एक सामान्य दिन की तरह ही है। मैं आभारी हूं कि मैं आजभी काम कर रहा हूं और मेरा शरीर मेरी आत्मा के साथ तालमेल बनाएरखने में सक्षम है।”

  1. अपने जन्मदिन को लेकर बिग बी ने अपने पुराने दिनों को याद किया जब उनके पिता और दिवंगत कवि हरिवंश राय बच्चन उनके जन्मदिन पर उनके लिए एक कविता लिखते थे और उन्हें सुनाते थे। पुराने दिनों को याद करते हुए बिग बी ने कहा, “यह परिवार की एक परंपरा थी। लेकिन, इस परंपरा को नई परिभाषा तब मिली जब, 1984 में मेरे साथ हुई जानलेवा दुर्घटना के बाद मेरे पिता ने मेरे जन्मदिन पर कविता सुनाई थी। वह मेरे लिए एक नई जिंदगी पाने जैसा था। कविता पढ़ने के दौरान मेरे पिता टूट से गए थे। ऐसा पहली बार था, जब मैंने उन्हें इस तरह टूटते हुए देखा था।”

  2. संघर्ष के दिनों में मैं अपने बाबूजी के पास बैठ जाया करता था। हम दोनों में बात तो नहीं होती थी. लेकिन उनके पास बैठने से ही मुझे बहुत सुकून मिलता था। एक दिन मैंने उनसे कहा – ‘बाबूजी, जीवन में बड़ा संघर्ष है। मुश्किलें एक के बाद एक आती ही जाती है। रुकने का नाम नहीं लेती। वे बोले ‘बेटा, जीवन है तो संघर्ष है, जब तक जीवन है तब तक संघर्ष है, और रहेगा। बस, एक ब्रह्म वाक्य इस तरह मुझे और मिल गया। बचपन से लेकर आधी उम्र तक बाबूजी के पहले ब्रह्म वाक्य- “मन का हो जाए तो अच्छा है और न हो जाए तो और भी अच्छा है।”

  3. इस वाक्य ने मुझे असीम शक्ति दी। इसी एक वाक्य पर अमल करते रहते मैंने अब तक का जीवन गुजारा था और अब आगे की जिंदगी के लिए। उन्होंने दूसरा ब्रह्म वाक्य दे दिया, ‘जीवन है तो संघर्ष है। बस अब मेरे लिए यह मार्गदर्शक वाक्य है। मैं तब से ही संघर्ष और जीवन को एक करके देखने लगा हूं और यही वजह है कि अब यह विश्वास मेरे भीतर पैदा हो गया है कि कोई संघर्ष मुझे तोड़ नहीं पाएगा। अब संघर्ष भी इसी कारण से अच्छा लगने लगा है और जीवन भी अच्छा लगने लगा है।

    • संघर्ष क्या होता है?

    – जीवन है यह तो। जीवन संघर्षपूर्ण होता है। प्रतिदिन जीवन में संघर्ष बना रहता है। जब तक जीवन है तब तक संघर्ष है। संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए। ऐसा मान लेना कि अब हमारा संघर्ष जो है, वह पूर्ण हो गया है, गलत होगा और जब आपकी मानसिक स्थिति ऐसी बन जाती है और आपको यकीन हो जाता है कि प्रतिदिन आपको संघर्ष करना है तो फिर शरीर को, मन को उसी तरह संभालकर आगे चलना पड़ता है।

    • विश्वास क्या चीज होती है?

    – विश्वास ऐसी चीज है, इस मामले में में बड़ा कमजोर हूं। हां, क्योंकि मैं बहुत ज्यादा पेसीमिस्टीक हूं। नकारात्मक सोच वाला हूं। यह ठीक नहीं होगा, वह ठीक होगा। यह बुरा होगा, वो बुरा होगा। ऐसी सोच मेरी निरंतर चलती है, लेकिन मैं प्रयत्नशील हूं और मेरा ऐसा मानना है कि यदि इंसान प्रयत्नशील होता है तो कहीं न कहीं उसे विश्वास भी मिलता है और जब वह प्रयत्नशील होता है तो सफल भी हो जाता है।

    • प्रेम का अर्थ क्या है?

    – प्रेम बहुत आवश्यक है। प्रेम यदि न हो तो किसी भी कार्य में बाधा आ सकती है। आप में यदि लेखन के प्रति प्रेम न हो तो आप जर्नलिस्ट न बनें, एक अच्छे लेखक न बनें। मुझे यदि अपने कार्य से प्रेम न हो तो हमारी फिल्म न बने और यदि बने भी तो शायद अच्छी न बने। संबंधों में यदि प्रेम न हो तो संबंध न बनें। प्रेम एक बहुत ही आवश्यक अंग है जीवन का।

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