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बैजनाथ का नाम विश्व के मानचित्र में तो है गांव में सरकार की पेयजल योजना नहीं

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गरुड़ (बागेश्वर)। धार्मिक और पर्यटक नगरी बैजनाथ में व्याप्त पेयजल समस्या के समाधान के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं हो पाए हैं। कई बार मांग उठाने बावजूद यहां के लिए पेयजल योजना का निर्माण नहीं हो पाया है। क्षेत्रवासी एक परंपरागत धारे से पानी लेने को मजबूर है। इन दिनों गर्मी बढ़ने के कारण यहां भी लोगों को एक बाल्टी पानी के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

बैजनाथ गांव के पास से गोमती नदी बहती है। करीब डेढ़ हजार आबादी वाले इस क्षेत्र के लोग यहां के लिए पेयजल योजना के निर्माण करने की मांग कई सालों से करते आ रहे हैं। लेकिन अभी तक उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है। ग्रामीण गांव के एक प्राचीन धारे से पानी पीते आ रहे हैं। गर्मी बढ़ने से इन दिनों धारे में भी पानी कम हो गया। जिसके चलते ग्रामीणों को पानी के लिए दो दिन घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है।

बैजनाथ की जिला पंचायत सदस्या गोदावरी, बैजनाथ धाम के मुख्य सचेतक भगवत गिरी गोस्वामी, राजेंद्र गोस्वामी,आनंद नेगी, प्रेम गिरी, हसतम मिया ने बताया कि बैजनाथ धाम के दर्शन करने आने वाले जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष वह पेयजल समस्या के समाधान की मांग कई बार उठा चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।

कोट….

बैजनाथ ग्राम पंचायत अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति बहुल है। गांव में मात्र एक दर्जन सामान्य जाति के लोग रहते हैं। वर्तमान मेें गांव की आबादी पंद्रह सौ के आसपास है। गांव के लिए अलग से पेयजल योजना का निर्माण करने के संबंध में कई बार शासन प्रशासन को कह दिया है। – अनीता गोस्वामी ग्राम प्रधान बैजनाथ

बैजनाथ ग्राम पंचायत में जल संस्थान की कोई पेयजल योजना नहीं है। पेयजल योजना के निर्माण के लिए ग्रामीणों से स्रोत देखने को कहा गया है। – अशोक भट्ट, जेई जल संस्थान

गरुड़ ग्राम समूह पेयजल योजना से बैजनाथ गांव को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का निर्माण कार्य चल रहा है। – रंजना राजगुरु जिलाधिकारी बागेश्वर

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Categories: Uttarakhand News
Rahul Bisht :